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📑 In This Chapter Guide (Table of Contents)
1. औपचारिक पत्र (Formal Letter) का अद्यतन प्रारूप
प्रेषक का पता (परीक्षा भवन, नई दिल्ली)
दिनांक (जैसे: 25 अक्टूबर 2025)
सेवा में,
[अधिकारी का पदनाम]
[कार्यालय/विभाग का नाम]
[शहर का नाम]
विषय: [संक्षिप्त, स्पष्ट व रेखांकित]
महोदय / महोदया,
मुख्य विषय-वस्तु (3 अनुच्छेदों में):
• पहला अनुच्छेद: पत्र लिखने का मूल कारण/उद्देश्य।
• दूसरा अनुच्छेद: समस्या का विस्तृत विवरण व उसके दुष्परिणाम।
• तीसरा अनुच्छेद: आपसे की जाने वाली अपेक्षा/कार्रवाई का विनम्र अनुरोध।
सधन्यवाद,
भवदीय / भवदीया,
[क. ख. ग. / नाम]
2. हल नमूना: बिजली कटौती की समस्या हेतु विद्युत अधिकारी को शिकायती पत्र
परीक्षा भवन
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
12 सितंबर 2025
सेवा में,
अधिशासी अभियंता
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड
वाराणसी (उ.प्र.)
विषय: शिवपुर क्षेत्र में निरंतर अनियंत्रित विद्युत कटौती के संबंध में शिकायती पत्र।
महोदय,
मैं आपका ध्यान शिवपुर आवासीय क्षेत्र में पिछले एक माह से हो रही भीषण एवं अनियमित बिजली कटौती की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
हमारे क्षेत्र में प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है। बिजली के आने-जाने का कोई निश्चित समय नहीं है। आजकल विद्यार्थियों की बोर्ड परीक्षाएं निकट हैं, ऐसे में रात्रि के समय अचानक बिजली चले जाने से छात्रों की पढ़ाई में भारी व्यवधान पड़ रहा है। लगातार बिजली न होने के कारण नलकूप नहीं चल पाते, जिससे क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। साथ ही उमस भरी गर्मी में वृद्धजनों व बच्चों का बुरा हाल है।
अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि हमारे क्षेत्र की इस विकट समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए विद्युत आपूर्ति को सुचारु एवं नियमित कराने की कृपा करें।
सधन्यवाद,
भवदीय,
राघव चतुर्वेदी
शिवपुर विकास समिति, वाराणसी
💡 Frequently Asked Questions (FAQ)
❓ बोर्ड परीक्षा में क्या अपना असली नाम और पता लिखना चाहिए?
नहीं! यदि प्रश्न-पत्र में कोई काल्पनिक नाम व पता दिया गया है, तो उसी का प्रयोग करें। यदि कोई नाम नहीं दिया गया है, तो पते के स्थान पर "परीक्षा भवन" तथा नाम के स्थान पर "क. ख. ग." लिखना चाहिए।
❓ अनौपचारिक पत्र में बड़ों और छोटों के लिए किस प्रकार के संबोधन व अभिवादन का प्रयोग करें?
बड़ों के लिए: संबोधन = "आदरणीय / पूज्य पिताजी / माताजी"; अभिवादन = "सादर चरण स्पर्श / सादर प्रणाम"। छोटों के लिए: संबोधन = "प्रिय अनुज / प्रिय स्नेहा"; अभिवादन = "सस्नेह नमस्ते / शुभाशीर्वाद"। समाप्ति पर = "आपका आज्ञाकारी पुत्र / तुम्हारा शुभचिंतक" लिखें।
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